
श्री गणेश आरती – जय गणेश जय गणेश देवा (Ganesh Aarti in Hindi)
नमस्ते 🙏 इस पेज पर आपको श्री गणेश आरती “जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा” हिंदी में पूर्ण लिरिक्स, PDF डाउनलोड लिंक और आरती से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी मिलेगी। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी पूजा के अंत में आरती गाई जाती है, और गणेश आरती हर शुभ कार्य, गणेश चतुर्थी और बुधवार की पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एकदन्त दयावन्त, चार भुजाधारी ।
माथे सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
(जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा…)
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा ॥
(जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा…)
अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया ।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
(जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा…)
सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
(जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा…)
बोलो गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया!

गणेश आरती का महत्व (Importance)
आरती पूजा का अंतिम और सबसे भावपूर्ण चरण मानी जाती है। दीपक की ज्योति के साथ आरती गाकर भक्त भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। गणेश आरती विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी और बुधवार को गाई जाती है।
मराठी में पढ़ें : सुखकर्ता दुखहर्ता आरती
किसी भी नए कार्य, गृह प्रवेश, विवाह या शुभ आयोजन की शुरुआत में गणेश जी की पूजा और आरती की परंपरा है, क्योंकि उन्हें प्रथम पूज्य माना जाता है।
गणेश आरती के लाभ
- पूजा की पूर्णता और भक्ति भाव में वृद्धि
- घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता
- कार्यों में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की कामना
- परिवार में एकता, आरती अक्सर पूरा परिवार साथ मिलकर गाता है
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गणेश आरती कैसे करें
आरती से पहले गणेश जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। आरती की थाली में दीपक, फूल, अक्षत (चावल), और धूप रखें। दूर्वा और मोदक या लड्डू का भोग अर्पित करें, ये गणेश जी को विशेष प्रिय हैं।
आरती गाते समय थाली को घड़ी की दिशा में (clockwise) गोलाकार घुमाया जाता है। आरती पूरी होने के बाद सभी उपस्थित लोग हाथ जोड़कर आरती की ज्योति पर हाथ फेरकर आशीर्वाद लेते हैं, और अंत में प्रसाद बांटा जाता है।
गणेश चतुर्थी के दिनों में सुबह और शाम दोनों समय आरती करने की परंपरा है।
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सवाल जवाब (FAQ)
गणेश आरती के बोल क्या हैं?
सबसे प्रचलित हिंदी गणेश आरती “जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा” है। इसके पूर्ण बोल इस पेज पर ऊपर दिए गए हैं।
गणेश आरती कब करनी चाहिए?
गणेश आरती पूजा के अंत में की जाती है। बुधवार, गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी पर इसका विशेष महत्व है। गणेशोत्सव के दिनों में सुबह-शाम दोनों समय आरती की जाती है।
गणेश आरती और सुखकर्ता दुखहर्ता में क्या अंतर है?
“जय गणेश जय गणेश देवा” हिंदी आरती है, जबकि “सुखकर्ता दुखहर्ता” मराठी आरती है जिसकी रचना समर्थ रामदास जी ने की थी। दोनों अलग-अलग रचनाएं हैं, एक-दूसरे का अनुवाद नहीं।
गणेश जी को कौन सा भोग अर्पित करें?
मोदक और लड्डू भगवान गणेश को सबसे प्रिय माने जाते हैं। दूर्वा घास भी उनकी पूजा में विशेष रूप से अर्पित की जाती है।
आरती की थाली किस दिशा में घुमाई जाती है?
आरती की थाली घड़ी की दिशा में (clockwise) गोलाकार घुमाई जाती है।
गणेश आरती गाने में कितना समय लगता है?
सामान्यतः गणेश आरती गाने में 2 से 3 मिनट का समय लगता है।
क्या गणेश आरती रोज़ की जा सकती है?
हाँ, कई भक्त प्रतिदिन सुबह या शाम की पूजा में गणेश आरती करते हैं।
गणेश आरती का PDF कहाँ से डाउनलोड करें?
इस पेज पर नीचे दिए गए बटन से आप मुफ्त गणेश आरती हिंदी PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

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